Zakir khan best shayari in hindi
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Zakir khan best shayari in hindi
वक़्त आने दो, आसमान भी तुमसे ऊंचा रहेगा।
अब उसने बीच में बोलना ही बंद कर दिया है।
रास्ते भी खुद हैं ढूंढे और मंजिल भी खुद बनाई।
तुम्हारी नाम की एक दुकान पढ़ती हैं
विडंबना देखो,
वहां दवाइयां मिला करती है।
रंग भी सब के जैसा है, सबसे ही तो महेकता हूँ…
एक आरसे से हूँ थामे कश्ती को भवर में,
तूफ़ान से भी ज्यादा साहिल से डरता हूँ…
उसका फूल कभी हमारा था,
हु जो अब तुम उसके मुक्तहार हो
तोह सुन लो, उससे अच्छा…
zakir khan motivational quotes in hindi
मुझे बस वो…
और उसे सारा जमाना चाहिए था।
हक से किया था
सिंगल भी रहेंगे तो हक से ।
उम्मीदें इंसान से लगा कर
शिकवे भगवान से करते हो।
तुम मिलोगे सबसे मगर हमारी ही तलाश में।
ग़लत लोगों पे बहुत वक़्त बर्बाद किया है।
हमने भी बाग़ में हैं कई तितलियाँ उड़ाई..
Zakir Khan Poem on life
मेट्रो में खड़े खड़े
रिक्शा में बैठे हुए
गहरे शुन्य में क्या देखते रहते हो?
गुम्म सा चेहरा लिए क्या सोचते हो?
क्या खोया और क्या पाया का हिसाब नहीं लगा पाए न इस बार भी? ……घर नहीं जा पाए न इस बार भी?
पर हम व्हील पे नहीं सोएंगे
एक छोटा सा किस्सा भी हो जाए…
तोह उसे बढ़ा चढ़ा के सुनायेंगे
पर जब दिल टूटेगा न
तोह अपने दोस्तों को भी नहीं बताएँगे
क्योंकि सब सम्भाल लेते हैं हम.
अपने आप से भी पीछे खड़ा हूँ मैं
ज़िंदगी कितना धीरे चला हूँ मैं
अपने आप से भी पीछे खड़ा हूँ मैं
ज़िंदगी कितना धीरे चला हूँ मैं
मुझे जगाने जो और भी हसीन होक आते थे
उन ख्वाबो को सच समझ क्र सोया रहा हु मैं
ज़िंदगी कितना धीरे चला हु मैं
मेरे जितने भी नापाक थे इरादे,
उन्हें भी पाक कर गयी।
देखना, जब हम मिलेंगे तोह इस कायनात में सब कुछ रुक जायेगा. मेरे इश्क़ में उम्मीद है.
Zakir khan poem in Hindi
ज़िन्दगी , कितने धीरे चला हूँ मैं…
और मुझे जगाने जो और भी हसीं होकर आते थे,
उन् ख़्वाबों को सच समझकर सोया रहा हूँ मैं….
पहले भी बहुत से,
पर तुम जितना कोई उनमें से,
कभी याद नहीं आया…
सिर्फ क़यामतट के रोज पूछूँगा तुमसे,
क्युकी उसके पहले तुम्हारी और मेरी बात हो सके
इस लायक नहीं हो तुम…
दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं
लेकिन खुद के इज़्ज़त के साथ करो.
आप उसे किताबों में डालकर मुश्किल न कीजिये.
zakir khan quotes in hindi
मैं इस तरह आग न होता, जो होजाती तू मेरी.
इश्क़ की ऐसी रिवायात ने दिल तोड़ दिया!!
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा !
राह में ज़िंदगी खड़ी होगी!
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा !
Zakir Khan thoughts in Hindi
तूफान से भी ज्यादा साहिल से सिहरता हु.
कुछ कोशिशें तैयारी के लिए भी होती है.
रंग भी सबके जैसे है और सब के जैसा है महकता है.
ऐसे ही वो मुझे पकड़ती थी। । ! !
इस तरह की ईमानदारी भी रिश्तों के लिए ठीक नहीं है
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा !



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